हरिद्वार के 'भंडारा किंग' रमाशंकर गुप्ता का निधन, हर की पैड़ी पर गूंजने वाली आवाज हमेशा के लिए हुई खामोश

हरिद्वार के 'भंडारा किंग' रमाशंकर गुप्ता का निधन, हर की पैड़ी पर गूंजने वाली आवाज हमेशा के लिए हुई खामोश

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Haridwar's 'Bhandara King' Ramashankar Gupta passes

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार की हर की पैड़ी पर आने वाले श्रद्धालुओं के कानों में सालों तक गूंजने वाली एक परिचित और चिर-परिचित आवाज अब हमेशा के लिए खामोश हो गई है।

'भंडारा कर दो बाबूजी... 100 में पांच बाबा... 200 रुपये में 11 बाबा खाएंगे..." की टेर लगाने वाले और सोशल मीडिया पर 'भंडारा किंग' के नाम से मशहूर हुए रमाशंकर गुप्ता का निधन हो गया है।

उनके जाने से हर की पैड़ी और शिवसेतु क्षेत्र का एक बड़ा और जाना-पहचाना चेहरा खो गया है। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर उनके निधन की खबर आने के बाद से उनके तमाम पुराने वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं।

हरिद्वार को बनाया था ठिकाना

हरकी पैड़ी के पास सुभाषघाट पर होटल चलाने वाले समाजसेवी कमल खड़का ने बताया कि रमाशंकर गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के निवासी थे।

  • शुरुआती सफर: वह कई साल पहले हरिद्वार आए थे और शुरुआत में हरकी पैड़ी के आसपास ही गुजर-बसर करते थे।
  • मेहनत की कमाई: धीरे-धीरे उन्होंने यहां काम सीखा। वे आसपास के ढाबों और दुकानों से खाना लेकर उसे जरूरतमंदों और श्रद्धालुओं को कमीशन पर बेचने का काम करते थे। वे अपनी मेहनत की कमाई से ही अपना पूरा खर्च चलाते थे।

शिवसेतु की पहचान बन चुकी थी 'भंडारा किंग' की आवाज

रमाशंकर गुप्ता रोजाना हर की पैड़ी के पास 'शिवसेतु' पर बैठते थे। वहां से गुजरने वाले श्रद्धालुओं से वे हाथ जोड़कर गरीबों और असहायों के लिए भंडारा कराने की भावुक अपील करते थे।

इसी काम के बदले उन्हें दुकानदारों से थोड़ा कमीशन मिल जाता था। स्थानीय दुकानदार कालू वर्मा ने बताया कि उनकी आवाज और लहजा शिवसेतु की पहचान बन चुका था।

सोशल मीडिया ने बनाया था 'स्टार'

कुछ समय पहले एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की नजर रमाशंकर गुप्ता पर पड़ी और उसने उनका एक वीडियो बनाकर इंटरनेट पर डाल दिया। देखते ही देखते वह वीडियो देश-विदेश में वायरल हो गया और सोशल मीडिया ने उन्हें 'भंडारा किंग' नाम दे दिया।

इसके बाद तो देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु उन्हें देखते ही रुक जाते थे और अपनी श्रद्धा के अनुसार भंडारे के लिए सहयोग करते थे। कुछ दिन पहले कुछ सोशल मीडिया क्रिएटर्स उन्हें अपने साथ किसी प्रोजेक्ट के लिए भी ले गए थे।

पुलिस को जानकारी नहीं

रमाशंकर गुप्ता की मौत हरिद्वार में हुई है या उनके गृह जनपद में, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।

इस संबंध में हरकी पैड़ी चौकी इंचार्ज संजीत कंडारी ने बताया कि पुलिस को रमाशंकर गुप्ता के निधन के बारे में फिलहाल कोई लिखित या पुख्ता आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।

बहरहाल, उनके निधन की खबर से हर की पैड़ी के स्थानीय व्यापारियों, सेवादारों और उनके चाहने वाले प्रशंसकों में शोक की लहर है।